Apr 01, 02:15 am
बरेली। ग्रेजुएशन में अब सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त पढ़ाई भी करनी होगी। प्रदेश सरकार के आदेश पर पर्यावरण व शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य करने के बाद अब विवि प्रशासन पाठ्यक्रम में तीन और विषय शामिल करने जा रहा है। मानवाधिकार, सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय गौरव। खास बात यह है कि छात्र को पास होने के लिए मुख्य विषयों के साथ-साथ इन पांच विषयों की परीक्षा भी अनिवार्य रूप से पास करनी होगी। कुलपति ने तीन नये विषयों का पाठ्यक्रम तय करने के लिए 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। समिति को 25 अप्रैल को विवि में होने जा रही बैठक में अपनी सिफारिशें रखनी होंगी।
प्रदेश सरकार ने पिछले सत्र में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को पर्यावरण व शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से लागू करने के आदेश दिये गये थे। विश्वविद्यालयों ने दोनों विषयों को क्वालीफाइंग पेपर के रूप में शामिल कर लिया था। अब शासन ने तीन और विषयों को स्नातक कक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा है। सांप्रदायिक सौहार्द, राष्ट्रीय गौरव व मानवाधिकार भी अगले सत्र से पाठ्यक्रम में शामिल हो जायेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए विवि का कालेज में अलग से पढ़ाई नहीं करवाई जायेगी। छात्र को खुद ही इन विषयों को तैयार करना होगा, अंकतालिका पर इनके नंबर भी नहीं चढ़ाये जायेंगे, लेकिन फेल होने पर छात्र को अंकतालिका नहीं दी जायेगी। तीनों ंिवषयों का पाठ्यक्रम तय करने के लिए कुलपति प्रो. ओमप्रकाश ने 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
कमेटी के सदस्य व हिंदू कालेज के प्राचार्य डा. एसएन सिंह ने बताया: विवि ने ये तीन पाठ्यक्रम सरकार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू किये हैं। हमने विवि प्रशासन को पांचों विषयों का एक ही पेपर कराने का सुझाव दिया है। सौ नंबर के इस प्रश्नपत्र में सभी विषयों के बीस-बीस सवाल होंगे। सभी सवाल बहुविकल्पीय होगे। इसमें छात्र को ओएमआर शीट दी जायेगी। सभी विषयों का पाठ्यक्रम 25 अप्रैल को विवि में होने जा रही बैठक में तय किया जायेगा। साभार जागरण पोर्टल
Monday, March 31, 2008
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