बरेली ने यूं तो मुगल काल का एक लंबा दौर देखा है लेकिन औरंगज़ेब आलमगीर के दौरे हुकूमत में बरेली में खास प्रगति हुई।
राजा मकरन्द राय के पुत्र नानकचंद खत्री को दिल्ली और बरेली की शासन व्यवस्था सौंपी गई। खत्री ने बरेली आने के बाद उन्होंने यहां 'नौ महला' को अपनी शिकारगाह बनाया। 'शाह दाना वली' के प्रति अपनी श्रद्धा दर्शाने के लिए उन्होंने शाह दाना के मकबरे का निर्माण करवाया।
नानकचंद खत्री के समय बरेली में पुराना शहर आबाद था, उन्होंने बरेली के पश्चिम में बांसों के वन को साफ करवा कर 'नया शहर' आबाद किया। सिर्फ इतना ही नहीं बरेली शहर में उस समय कोई 'जामा मस्जिद' नहीं थी, खत्री ने बरेली की पहली जामा मस्जिद का निर्माण करवाया।
बरेली में आज भी उनके भाई भतीजो के नाम पर मकरंदपुर, कुंवरपुर आदि मुहल्ले आबाद हैं। 1707 में उनकी मृत्यु हुई।
©रबीअ बहार
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Friday, November 3, 2017
औरंगज़ेब के शासनकाल में बरेली।
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