Apr 01, 02:15 am
बरेली। अब बीएड में हासिल की गई ऊंची मेरिट एमएड में दाखिले का मापदंड नहीं बन पाएगी। राजभवन ने अगले सत्र से एमएड में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य कर दी है। यह फैसला उन मेधावी विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जो बीएड में ऊंची मेरिट नहीं होने के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। रुहेलखंड विवि भी अगले सत्र में एमएड में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा करायेगा।
बीएड में अच्छे अंक हासिल करके एमएड में प्रवेश पा जाने वाले छात्रों की राह विश्वविद्यालय ने मुश्किल कर दी है। आमतौर पर देखा जाता था कि स्वत्तिपोषित कालेजों के छात्र-छात्राएं सरकारी कालेजों के छात्र-छात्राओं से बहुत अधिक नंबर ले आते हैं। मेरिट कम होने के कारण मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रवेश से वंचित रहना पड़ता है। प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से मिली ऐसी तमाम शिकायतों के बाद राजभवन ने अगले सत्र से अनिवार्य रूप से प्रवेश परीक्षा कराने के आदेश दिये हैं। राजभवन के आदेश का अनुपालन सुनिश्चत करने के लिए कुलपति ने कुछ दिन पहले विभिन्न कालेजों के प्राचार्यो की बैठक बुलाई थी। एक अरसे से एमएड में प्रवेश परीक्षा करवाने के लिए प्रयासरत हिंदू कालेज के प्राचार्य डा. एसएन सिंह ने बताया : विवि प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। प्रवेश परीक्षा होने से केवल उन्हीं छात्रों को प्रवेश मिलेगा जो वास्तव में एमएड करने की योग्यता रखते हैं। साभार जागरण पोर्टल
Monday, March 31, 2008
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